Panipat News : 45 दिनों तक शख्स ने खुद को रखा शौचालय में बंद, अब हुआ ये हाल

Panipat News: एक व्यक्ति ने खुद को 45 दिनों तक शौचालय में बंद रखा, अब ऐसा हुआ, हरियाणा के पानीपत (पानीपत न्यूज़) से एक चौंकाने वाली खबर आ रही है।

खुद को 45 दिनों तक शौचालय में बंद रखा-

जिंदगी से तंग आकर व्यक्ति ने खुद को 45 दिनों तक शौचालय में बंद रखा। जब यह जानकारी जनसेवा दल (पानीपत न्यूज़) के लोगों को हुई तो उन्होंने उसे बचाकर वहां से निकाला और एक कमरे में बैठा दिया। बताया जा रहा है कि उसने यह कदम अपने माता-पिता, भाई-बहनों की मौत के बाद उठाया।

सभी के गुजर जाने के बाद उसकी जीने की इच्छा खत्म हो गई थी। इस तरह उसने मरने का विचार किया। जब लोग घर के बाहर से बात करते तो वह उनकी आवाज से भी घृणा करने लगा।

सुरेंद्र अपने पिता और भाई की मौत से बेहद दुखी था

सुरेंद्र जब शौचालय (पानीपत न्यूज़) से बाहर निकला तो उसने बताया कि हम 4 भाई-बहन और एक बहन हैं। उनकी बहन का बचपन में ही निधन हो गया था। सबसे बड़ा भाई मानसिक रूप से कमजोर था। भाई-बहनों की शादी नहीं हुई थी। उनके पिता का नाम लखमीचंद था। वे अपने परिवार को छोले-भटूरे और दही बेचने का काम दिखाते थे। उनके पिता की भी कुछ समय पहले मौत हो गई थी। मां की भी कोरोना के कारण मौत हो गई थी। भाई अशोक जो दूसरे नंबर पर है, उस पर भी काफी कर्ज था, जिसके चलते वह भी कुछ समय के लिए घर से बाहर चला गया था। तीसरे भाई का नाम राजकुमार है, वह हिमाचल प्रदेश में हैंडलूम का काम करता था, उसकी भी किसी अज्ञात कारण से मौत हो गई। राजकुमार की मौत के बाद सुरेंद्र को गहरा सदमा लगा। जब कुछ दिनों तक घर का दरवाजा नहीं खुला तो आसपास के लोगों ने जन सेवा दल के लोगों को इसकी जानकारी दी। जन सेवा के लोग आए और उन्हें बाहर निकाला। छत से जाकर खोला दरवाजा (पानीपत न्यूज़)-

जब जन सेवा दल के व्यक्ति को इसकी जानकारी मिली तो वह तुरंत वहां पहुंचे। सभी लोग शौचालय के अंदर नहीं गए। तब उनके एक व्यक्ति ने घर की छत पर जाकर उन्हें सफाई दी।

उनके कपड़े पूरी तरह से पेशाब और गोबर से भरे हुए थे। बदबू के कारण शौचालय के अंदर जाना मुश्किल हो गया था। (पानीपत न्यूज़) नगर निगार (सफाई कर्मचारी) उन्हें उनके घर ले गए।

45 दिनों से लगातार खाना न खाने की वजह से उनकी हालत भी बेहद खराब हो गई थी। सुरेंद्र ने सिर्फ एक रोटी खाई थी। जब डॉक्टर ने उनकी जांच की तो पता चला कि उनकी पाचन शक्ति कम हो गई थी।

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